Band Kamre Me Aag Jalana Bana Maut Ki Wajah, Sardi Me Badh Rahe Ghatak HaadseBy dimagkibati.com | नई दिल्लीसर्दियों का मौसम आते ही देश के अलग-अलग हिस्सों से band kamre me aag jala kar sone se maut की खबरें लगातार सामने आ रही हैं। ठंड से बचने के लिए लोग अक्सर कमरे में अंगीठी, कोयला, लकड़ी या गैस जला लेते हैं, लेकिन यही आदत कई बार जानलेवा साबित हो रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह मौतें ज़्यादातर Carbon Monoxide गैस के कारण होती हैं, जिसे “Silent Killer” भी कहा जाता है।कैसे होती है मौत?जब बंद कमरे में आग जलाई जाती है, तो वह कमरे की ऑक्सीजन को तेजी से खत्म करने लगती है। इसके साथ-साथ आग से Carbon Monoxide (CO) गैस निकलती है, जो न दिखती है, न सूंघी जा सकती है और न ही इसका कोई स्वाद होता है। यही वजह है कि व्यक्ति को खतरे का अंदाज़ा ही नहीं होता।विशेषज्ञ बताते हैं कि सोते समय यह गैस धीरे-धीरे शरीर में प्रवेश कर जाती है, जिससे:अत्यधिक नींद आने लगती हैचक्कर और सिरदर्द होता हैव्यक्ति बेहोश हो जाता हैऔर कई मामलों में नींद में ही मौत हो जाती हैहर साल बढ़ते मामलेसरकारी और गैर-सरकारी रिपोर्ट्स के अनुसार, सर्दियों में हर साल दर्जनों नहीं बल्कि सैकड़ों लोग इस तरह की दुर्घटनाओं का शिकार होते हैं। ग्रामीण इलाकों में अंगीठी और कोयले का इस्तेमाल ज़्यादा होने के कारण यह खतरा और बढ़ जाता है। कई बार एक ही कमरे में सो रहे पूरे परिवार की जान चली जाती है।हाल ही में सामने आए मामलों में देखा गया कि:कमरे के दरवाज़े-खिड़कियाँ पूरी तरह बंद थींठंड से बचने के लिए अंगीठी जलाई गई थीसुबह तक कोई भी ज़िंदा नहीं बचासिर्फ गैस नहीं, आग भी बनती है खतराCarbon Monoxide के अलावा आग लगने का जोखिम भी कम नहीं है। सोते समय अंगारों के गिरने से:बिस्तर और पर्दे जल सकते हैंपूरा कमरा आग की चपेट में आ सकता हैझुलसने या दम घुटने से मौत हो सकती हैडॉक्टर और विशेषज्ञों की चेतावनीडॉक्टरों का कहना है कि Carbon Monoxide poisoning के शुरुआती लक्षणों को लोग अक्सर नज़रअंदाज़ कर देते हैं। इनमें:सिरदर्दउलटीआंखों में जलनथकान और चक्करलेकिन सोते समय ये लक्षण महसूस ही नहीं हो पाते, जिससे हालात और गंभीर हो जाते हैं।क्यों करते हैं लोग यह गलती?विशेषज्ञों के मुताबिक:गरीब और ग्रामीण इलाकों में हीटर की सुविधा नहींबिजली की अनियमित सप्लाईपुरानी आदतें और जागरूकता की कमीइन्हीं वजहों से लोग आज भी बंद कमरे में आग जलाकर सो जाते हैं।कैसे बचा जा सकता है?सुरक्षा विशेषज्ञों ने लोगों को कुछ ज़रूरी सलाह दी है:बंद कमरे में कभी भी अंगीठी, कोयला या लकड़ी न जलाएंगैस चूल्हा जलाकर सोना जानलेवा हो सकता हैअगर हीटर का उपयोग करें तो ISI certified electric heater ही लेंकमरे में थोड़ी ventilation ज़रूर रखेंबच्चों और बुज़ुर्गों पर विशेष ध्यान देंप्रशासन से अपीलसामाजिक संगठनों ने प्रशासन से मांग की है कि:सर्दियों में जन-जागरूकता अभियान चलाए जाएंग्रामीण इलाकों में मुफ्त या सस्ते सुरक्षित हीटर उपलब्ध कराए जाएंमीडिया के ज़रिए लगातार चेतावनी संदेश दिए जाएंनिष्कर्षBand kamre me aag jalana sirf ek galti nahi, balki maut ko daawat dena hai।थोड़ी-सी लापरवाही पूरे परिवार की ज़िंदगी खत्म कर सकती है। ज़रूरत है जागरूक होने की और दूसरों को भी सचेत करने की।👉 सुरक्षित रहें, जागरूक बनें और यह जानकारी ज़रूर साझा करें। Post navigationAustralia Recycling Refund System: Bottle Daalte Hi Milte Hain Paise!