Trump and Venezuela: Politics of Power, Oil and Sanctionsअमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और वेनेजुएला का रिश्ता हमेशा से तनावपूर्ण रहा है। ट्रंप के कार्यकाल में वेनेजुएला पर सख्त आर्थिक प्रतिबंध लगाए गए थे, जिनका असर वहां की अर्थव्यवस्था, राजनीति और आम जनता पर साफ दिखाई दिया। एक बार फिर ट्रंप के बयानों और नीतियों को लेकर वेनेजुएला चर्चा में आ गया है।तेल से भरपूर यह देश लंबे समय से अमेरिका की विदेश नीति का अहम मुद्दा रहा है। ट्रंप की सोच और वेनेजुएला की सरकार के बीच टकराव ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नई बहस छेड़ दी है।ट्रंप की वेनेजुएला नीति क्या थी?डोनाल्ड ट्रंप ने अपने राष्ट्रपति कार्यकाल के दौरान वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की सरकार को अवैध और तानाशाही बताया था।ट्रंप प्रशासन ने: A. वेनेजुएला पर कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाए B. सरकारी तेल कंपनी पर पाबंदियां लगाईं C.मादुरो सरकार को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग करने की कोशिश कीअमेरिका का दावा था कि इन प्रतिबंधों का उद्देश्य वेनेजुएला में लोकतंत्र बहाल करना है।तेल बना सबसे बड़ा मुद्दावेनेजुएला दुनिया के सबसे बड़े तेल भंडार रखने वाले देशों में से एक है।ट्रंप प्रशासन का मानना था कि वेनेजुएला सरकार तेल से मिलने वाली कमाई का इस्तेमाल सत्ता बनाए रखने और विरोध को दबाने में कर रही है।इसी कारण:वेनेजुएला के तेल निर्यात पर रोक लगीअमेरिकी कंपनियों को वहां कारोबार से रोका गयावैश्विक तेल बाजार में अस्थिरता बढ़ीवेनेजुएला की प्रतिक्रियावेनेजुएला सरकार ने ट्रंप की नीतियों को आर्थिक युद्ध करार दिया।सरकार का कहना था कि अमेरिकी प्रतिबंधों की वजह से:महंगाई बढ़ीजरूरी सामानों की कमी हुईआम जनता को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ावेनेजुएला ने रूस, चीन और ईरान जैसे देशों से संबंध मजबूत किए।ट्रंप का हालिया रुखहाल के समय में ट्रंप ने फिर से वेनेजुएला को लेकर सख्त बयान दिए हैं।ट्रंप समर्थकों का कहना है कि अगर ट्रंप दोबारा सत्ता में आते हैं, तो:वेनेजुएला पर फिर कड़े प्रतिबंध लगाए जा सकते हैंतेल व्यापार पर सख्ती बढ़ सकती हैअमेरिका की “पहले अमेरिका” नीति फिर हावी हो सकती हैइससे लैटिन अमेरिका की राजनीति पर बड़ा असर पड़ सकता है।अमेरिका और वेनेजुएला संबंधों पर असरट्रंप की नीति के चलते अमेरिका-वेनेजुएला संबंध लगभग टूटने की कगार पर पहुंच गए थे।राजनयिक संबंध कमजोर हुए और दोनों देशों के बीच अविश्वास बढ़ा।विशेषज्ञ मानते हैं कि:सख्त नीति से समस्या का समाधान नहीं हुआहालात और ज्यादा बिगड़ेजनता सबसे ज्यादा प्रभावित हुईवैश्विक राजनीति में वेनेजुएलावेनेजुएला सिर्फ अमेरिका के लिए ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए अहम है।तेल संकट, ऊर्जा सुरक्षा और वैश्विक राजनीति में इस देश की भूमिका लगातार चर्चा में रहती है।ट्रंप की सख्त नीति ने: A. वैश्विक तेल आपूर्ति पर असर डाला B. अन्य देशों को भी पक्ष चुनने पर मजबूर कियाअंतरराष्ट्रीय कूटनीति में तनाव बढ़ायाविशेषज्ञ क्या कहते हैं?राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ट्रंप की वेनेजुएला नीति ज्यादा आक्रामक रही।उनके अनुसार:संवाद की कमी रहीप्रतिबंधों से आम जनता को नुकसान हुआसमस्या का स्थायी समाधान नहीं निकलाकुछ विशेषज्ञ मानते हैं कि भविष्य में अमेरिका को कूटनीति और बातचीत पर ज्यादा जोर देना चाहिए।डोनाल्ड ट्रंप और वेनेजुएला के बीच संबंध टकराव, प्रतिबंध और तेल राजनीति के इर्द-गिर्द घूमते रहे हैं।अगर ट्रंप दोबारा सत्ता में आते हैं, तो यह मुद्दा फिर अंतरराष्ट्रीय सुर्खियों में आ सकता है।फिलहाल यह साफ है कि वेनेजुएला की राजनीति और अमेरिका की नीतियां आने वाले समय में भी वैश्विक चर्चा का बड़ा विषय बनी रहेंगी। Post navigationBSF Constable GD Recruitment 2025: स्पोर्ट्स कोटा से 549 पदों पर भर्ती, 10वीं पास के लिए सुनहरा मौका राजस्थान 4th Grade Result 2026 जारी, नाम से चेक करें रिजल्ट, कट-ऑफ और मेरिट लिस्ट