श्री रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर किसानों, महिलाओं व श्रमिकों को 1,590 करोड़ रुपये की सौगातग्राम उत्थान शिविरों का हुआ शुभारंभबानसूर | dimagkibati.comअयोध्या में श्री रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की द्वितीय वर्षगांठ के पावन अवसर पर प्रदेश सरकार द्वारा ग्रामीण विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल की गई है। इस अवसर पर किसानों, महिलाओं एवं श्रमिक भाईयों को कुल 1,590 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता एवं विभिन्न योजनाओं के लाभ प्रदान किए गए।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि माननीय मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा रहे, जबकि कार्यक्रम का शुभारंभ प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेशभर में एक साथ किया गया। इस मौके पर ग्राम उत्थान शिविरों की भी शुरुआत की गई, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में विकास योजनाओं को ज़मीनी स्तर तक पहुँचाना है।ग्राम उत्थान शिविरों का उद्देश्यश्री रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर किसानों, महिलाओं व श्रमिकों को 1,590 करोड़ रुपये की सौगातग्राम उत्थान शिविरों के माध्यम से ग्रामीण नागरिकों को सरकारी योजनाओं की जानकारी देना, पात्र लाभार्थियों का पंजीकरण करना और मौके पर ही समस्याओं का समाधान करना है। शिविरों में विशेष रूप से किसानों, महिलाओं, श्रमिकों और युवाओं पर फोकस किया गया।राशि हस्तांतरण एवं योजनाओं का लाभइस अवसर पर सरकार द्वारा कई महत्वपूर्ण योजनाओं के तहत सीधे लाभार्थियों के खातों में राशि ट्रांसफर की गई, जिनमें शामिल हैं:किसान सम्मान निधि के अंतर्गत लाखों किसानों को करोड़ों रुपये की सहायतामुख्यमंत्री कृषक साथी योजना के तहत अतिरिक्त आर्थिक सहयोगप्रधानमंत्री आवास योजना से हजारों परिवारों को आवास सहायतामहिला सशक्तिकरण योजनाओं के अंतर्गत स्वयं सहायता समूहों को अनुदानपशुपालन व दुग्ध उत्पादक किसानों को विशेष सहायताकृषि यंत्रों पर अनुदान एवं बीज, खाद सब्सिडीमहिलाओं और श्रमिकों को विशेष राहतकार्यक्रम में महिलाओं के लिए स्वयं सहायता समूहों को मजबूत करने, रोजगार के नए अवसर पैदा करने और श्रमिक वर्ग को सामाजिक सुरक्षा से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया। सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी पात्र व्यक्ति योजनाओं से वंचित न रहे।कार्यक्रम विवरणतिथि: 22 जनवरी 2026समय: दोपहर 12:00 बजेस्थान: अरावली स्टेडियम, सिरोही🗣️ मुख्यमंत्री का संदेशमुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि “श्री रामलला की प्राण प्रतिष्ठा केवल धार्मिक नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता और विकास का प्रतीक है। ग्राम उत्थान शिविर ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम है।”🔚 निष्कर्षश्री रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की वर्षगांठ पर शुरू की गई यह पहल न केवल आस्था से जुड़ी है, बल्कि इससे लाखों परिवारों के जीवन में आर्थिक स्थिरता और विकास की नई उम्मीद जगी है। ग्राम उत्थान शिविर आने वाले समय में ग्रामीण राजस्थान की तस्वीर बदलने में अहम भूमिका निभाएंगे।