मकर संक्रांति 2026: महत्व, इतिहास, परंपराएं और शुभकामनाएं🌞 मकर संक्रांति 2026 क्यों है खास?मकर संक्रांति 2026 भारत के प्रमुख और पावन त्योहारों में से एक है। यह पर्व हर साल 14 या 15 जनवरी को मनाया जाता है और सूर्य देव के मकर राशि में प्रवेश करने का प्रतीक होता है। मकर संक्रांति 2026 का खास महत्व इसलिए भी है क्योंकि इस दिन से सूर्य उत्तरायण होते हैं, जिसे शुभ समय माना जाता है।📜 मकर संक्रांति का धार्मिक और पौराणिक महत्वहिंदू धर्म में मकर संक्रांति 2026 को पुण्यकाल माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन गंगा स्नान, दान और जप करने से सभी पापों का नाश होता है।महाभारत के अनुसार, भीष्म पितामह ने भी उत्तरायण काल में ही देह त्याग किया था, इसलिए इस दिन का महत्व और भी बढ़ जाता है।🪔 मकर संक्रांति 2026 पर क्या करें?मकर संक्रांति 2026 के दिन कुछ विशेष कार्य करना अत्यंत शुभ माना जाता है:सुबह जल्दी उठकर स्नान करेंसूर्य देव को अर्घ्य देंतिल, गुड़, खिचड़ी और वस्त्र का दान करेंजरूरतमंदों की सहायता करेंपतंग उड़ाकर उत्सव मनाएंइन सभी कार्यों से जीवन में सुख-समृद्धि आती है।🍚 मकर संक्रांति 2026 पर बनने वाले पारंपरिक व्यंजनमकर संक्रांति 2026 पर देशभर में अलग-अलग तरह के व्यंजन बनाए जाते हैं:तिल-गुड़ के लड्डूखिचड़ी (उत्तर भारत में विशेष)रेवड़ी और गजकपोंगल (दक्षिण भारत में)तिल और गुड़ को सेहत के लिए भी बहुत लाभकारी माना जाता है, खासकर सर्दियों में।🪁 भारत में मकर संक्रांति कैसे मनाई जाती है?मकर संक्रांति 2026 भारत के हर राज्य में अलग नाम और परंपरा से मनाई जाती है:गुजरात में उत्तरायण (पतंग उत्सव)पंजाब में लोहड़ीतमिलनाडु में पोंगलअसम में माघ बिहूउत्तर प्रदेश और बिहार में खिचड़ी पर्वहर जगह उत्साह, खुशी और आपसी प्रेम देखने को मिलता है।💬 मकर संक्रांति 2026 की शुभकामनाएंइस मकर संक्रांति 2026 पर आप अपने दोस्तों और परिवार को ये शुभकामनाएं भेज सकते हैं:“इस मकर संक्रांति पर सूर्य देव आपके जीवन से अंधकार दूर करें और सुख-समृद्धि लाएं।”“तिल और गुड़ की मिठास की तरह आपका जीवन भी मीठा हो। मकर संक्रांति की हार्दिक शुभकामनाएं।”🌸 जयपुर का माहौल आज कैसा है? 🌸आज जयपुर का माहौल शांत, खुशनुमा और त्योहारों से भरा हुआ है। सुबह के समय हल्की ठंड और कोहरा देखने को मिला, जिससे गुलाबी नगरी और भी खूबसूरत लग रही है।🪁 मकर संक्रांति का रंग:छतों पर रंग-बिरंगी पतंगें उड़ती नजर आ रही हैंबच्चों और युवाओं में खुशी और उत्साहगली-मोहल्लों में तिल-गुड़, गजक और लड्डुओं की मिठासमंदिरों में भक्ति और श्रद्धा का माहौल✍️ निष्कर्षमकर संक्रांति 2026 केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि सकारात्मकता, नई शुरुआत और सामाजिक एकता का प्रतीक है। इस दिन किए गए अच्छे कर्म जीवन को नई दिशा देते हैं। आप भी इस पावन अवसर पर अपने जीवन में खुशियां और शांति लाएं।“अगर आपको ऐसी खबरों के लिए और जानकारी चाहिए, तो हमारे चैनल/वेबसाइट को सब्सक्राइब करें और कमेंट करना न भूलें। Thank you 🙏” Post navigation सांवलिया सेठ जी: भारत के सबसे धनी और चमत्कारी भगवान